जिंदगी में जब से रोज पूज रहा हूँ

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जिंदगी में जब से रोज पूज रहा हु श्री गणेश,

तप्त हुआ तन मन धन, रही न कोई इच्छा शेष,

जय गणेश जय गणेश जय गणेश,

जय गणेश जय गणेश जय गणेश,

सूख देने वाले विध्नहर को हरपहर करता हु नमन,

गणपति की भक्ति में न्यौछावर मेरातन मन औऱ धन.....

हर किसीसे प्रेम कर लो,

जाने कब मिल जाये प्रभु किसके भेष….

जिंदगी में जब से रोज पूज रहा हु श्री गणेश,

तप्त हुआ तन मन धन, रही न कोई इच्छा शेष,

जय गणेश जय गणेश जय गणेश,

जय गणेश जय गणेश जय गणेश...

ज्ञान देने वाले विद्याधर जी, सब को सन्मति दीजिए,

हम सब है ठहरे अज्ञानी, सब पर अपनी कृपा कीजिए.....

हर कोई मिल जुलकर रहे,

है गजनना, सुख शांति का दीजिये आशीष.....

जिंदगी में जब से रोज पूज रहा हु श्री गणेश,

तप्त हुआ तन मन धन, रही न कोई इच्छा शेष,

जय गणेश जय गणेश जय गणेश,

जय गणेश जय गणेश जय गणेश.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।