ओ शिव भोले मेरे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ओ शिव भोले मेरे, मेरा मन डोले, जागो समाधी गोरा बोले.....

बैठे ओ बाबा मेरे, अखियाँ मुंध के

केह केह के हारी गोरा बोले ना सुन के,

सुनलो बिनंती मेरी, चरणों में बोल के,

जागो समाधी.....

शीश पे गंगे गले पे भुजंगे, डम डम डमरू बोले,

भूत प्रेत संगे औघड़ दानी मेरे लगे भस्म अंगे,

जागो समाधी.....

गोठी बाबा भांग तिहारे पीवे नित भंगे,

भूत नाचे प्रेत नाचे गण नित संगे,

ओ मेरे दयालु भोले सुन मेरे शंकरे,

जागो समाधी.....

जन्म जन्म तेरी दासी बनु मैं,

हर पल तेरे चरण पड़ु मैं,

धरम कहे समाधी खोले शिव बोले,

जागो समाधी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।