सांवरे पर मुझे विश्वास है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब जब भी दिल घबराता,

कुछ नज़र कहीं ना आता,

मैं नाम तेरा ही लेकर,

अपना हर वक़्त बीतता,

सांवरे पर मुझे विश्वास है,

जग की ना आस है.....

जब जब भी संकट आया, जब जब भी विपदा आई,

वो लीले चढ़कर आया, और मोरछड़ी लहराई,

थी धुप गमो की सर पर, हाथों से कर दी ये छाया,

हारे का साथी बन कर, मेरा पल पल साथ निभाया,

सांवरे पर मुझे विश्वास है,

जग की ना आस है......

जीवन के अंधेरो में भी तेरे नाम की ज्योत जलाई,

जब जब भी गिरा मैं बाबा, आकर के थामी कलाई,

जब फसी भवर में नैया, तू माझी बनकर आया,

जग ने तो फेरी आँखें, पलकों पे तूने बिठाया,

सांवरे पर मुझे विश्वास है,

जग की ना आस है......

जब तेरा साथ नहीं था, कुछ भी मेरे पास नहीं था,

कितनी भी मुसीबत आई, मेरा विश्वास तू ही था,

जबसे तेरी शरण में आया, बिन मांगे सब कुछ पाया,

तेरे भजनो से ही तो, विक्की ने नाम कमाया,

सांवरे पर मुझे विश्वास है,

जग की ना आस है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।