भोला भांग धतूरा पीते हो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोला भांग धतूरा पीते हो दिन रात नशे में रहते हो……

ब्रह्मा की कसम विष्णु की कसम,

नारद की कसम तुम खाते हो,

दिन रात नशे में रहते हो,

भोला भांग धतूरा पीते हो दिन रात नशे में रहते हो…..

रामा की कसम लक्ष्मण की कसम,

सीता की कसम तुम खाते हो,

दिन रात नशे में रहते हो,

भोला भांग धतूरा पीते हो दिन रात नशे में रहते हो……

गंगा की कसम जमुना की कसम,

सरयू की कसम तुम खाते हो,

दिन रात नशे में रहते हो,

भोला भांग धतूरा पीते हो दिन रात नशे में रहते हो……

चंदा की कसम सूरज की कसम,

तारों की कसम तुम खाते हो,

दिन रात नशे में रहते हो,

भोला भांग धतूरा पीते हो दिन रात नशे में रहते हो….

भूतों की कसम प्रेतों की कसम,

भक्तों की कसम तुम खाते हो,

दिन रात नशे में रहते हो,

भोला भांग धतूरा पीते हो दिन रात नशे में रहते हो....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।