तेरा दर्शन करके भोले हो गया मैं जोगिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरा दर्शन करके भोले हो गया मैं जोगिया,

तेरा दर्शन करके भोले हो गया मैं जोगिया,

अब शरण में ले लो बाबा,

अब शरण में ले लो भोले दुनिया है यह ढोंगिया……

मैं जो कीट पतंगा होता रहता तेरे साथ में,

मेरा जीवन कितना सुंदर रहता तेरे हाथ में,

ना भटकता ना तड़पता,

ना भटकता ना तड़पता माया के बाजार में,

तेरा दर्शन करके भोला हो गया मैं जोगिया.....

मानुस्का में जन्म भी पाकर ना समझा संसार को,

सब कुछ अपना समझ लिया है,

खो बैठा स्वाभिमान को,

जिसको अपना कहता है तू,

जिसको अपना कहता है तू वह धोखा दे जाएगा,

तेरा दर्शन करके भोले हो गया मैं तो जोगिया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।