बाह फड ले मैया ईक वारी

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बाह फड ले मैया ईक वारी,

भवानी मेरी बाह फङ ले,

उपकार करो उपकारी ,

भवानी मेरी बाह फङ ले,

बाह फङ ले मैया ईक वारी,

भवानी मेरी बाँ फङ ले...

तन दी नैया होई पुरानी,

मनमाँझी नित करे मनमानी,

डुब ना जांवा आद भवानी,

ज्ञान न जाना तिहारी भवानी मेरी बाँ फङ ले,

बाह फङ ले मैया ईक वारी,

भवानी मेरी बाह फङ ले,

आस दी माला टूट न जाये,

चपू हथो छुट न जाये,

स्वासा दी दौलत लूट न जाये,

तारो तरणहारी भवानी मेरी बाह फड़ ले,

बाह फङ ले मैया ईक वारी,

भवानी मेरी बाह फङ ले,

बाह फङ ले या ऊगंली ला ले,

भुलेया हाँ मै रस्ते पा दे,

गल नाल ला या गोदी बिठा ले,

तेरी दाती शेर सवारी भवानी मेरी बाँ फङ ले

बाह फङ ले मैया ईक वारी

भवानी मेरी बाँ फङ ले

निर्दोष तेरे दर किंवे अावे ,

हुण ते माँ तुरुया ना जावे,

निर्बल निर्धन खेडे खावे बीती,

उमरा सारी भवानी मेरी बाह फङ ले,

बाह फङ ले मैया ईक वारी,

भवानी मेरी बाँ फङ ले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।