श्री श्याम शरण में जाकर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री श्याम शरण में जाकर के,

जो सारा जीवन बिताते है,

क्या धन दौलत क्या यश वैभव,

वो सारे सुख यही पाते हैं,

श्री श्याम शरण में जाकर के....

ना श्याम नाम का कोई मौल,

ना श्याम भक्तों का कोई तौल,

जिनकी माया का छोर नहीं,

महिमा उनकी बतलाते हैं,

श्री श्याम शरण में जाकर के....

हाल ऐ दिल सबका जानते हैं,

कौन सच्चा भक्त पहचानते हैं,

सुख दुख हर पल में बन साथी,

श्री नाथ जी साथ निभाते हैं,

श्री श्याम शरण में जाकर के.....

जब मार्ग भटक कोई जाता है,

ना उसके समझ कुछ आता है,

ऐसे में फिसलने से पहले,

देवा उसे संभाल के जाते हैं,

श्री श्याम शरण में जाकर के.....

क्या सच है और क्या सपना है,

बस श्याम ही जग में अपना है,

जीवन के अंतिम दिन में आ,

प्रभु मुक्ति मार्ग दिखाते हैं,

श्री श्याम शरण में जाकर के.....

श्री श्याम शरण में जाकर के,

जो सारा जीवन बिताते हैं,

क्या धन दौलत क्या यश वैभव,

वो सारे सुख यही पाते हैं,

श्री श्याम शरण में जाकर के.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।