शंकर कैसे करु तेरी पूजा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ऊपर पहाड़ नीचे कंकड़ हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा,

सूझे उपाय ना दूजा हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा.....

जल भरने मैं तो गंगा जी गयी थी,

वो भी है मछली का झूठा हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा,

ऊपर पहाड़ नीचे कंकड़ हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा.....

चंदन लेने मैं तो वन में गयी थी,

वो भी सर्पो का झूठा हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा,

ऊपर पहाड़ नीचे कंकड़ हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा.....

फूल तोड़ने मैं तो बगिया मैं गयी थी,

वो भी है भंवरे का झूठा हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा,

ऊपर पहाड़ नीचे कंकड़ हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा.....

गैया का दूध मैं कैसे चढ़ाऊ,

वो भी है बछड़े का झूठा हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा,

ऊपर पहाड़ नीचे कंकड़ हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा.....

दर्शन करने मैं तो मंदिर गयी थी,

वो तो माया का झूठा हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा,

ऊपर पहाड़ नीचे कंकड़ हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।