जब मुरली वाला तुझको बेहिसाब देता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब मुरली वाला तुझको बेहिसाब देता है,

फिर गिन गिन कर क्यों तू उसका नाम लेता है,

तू एक मांगता है ये लाखो देता है,

बदले में तुझसे लेकिन कभी कुछ न लेता है,

जब तेरी हर खवाइश ये पूरी कर देता है,

फिर गिन गिन कर ...........

जब मांग के लाते हो जग से छिपाते हो,

और नाम जपलेते हो जग को दीखते हो,

जब दुःख के बदले तुझको ये खुशिया देता है,

फिर गिन गिन कर.........

तकलीफ इसको तो भी होती है मेरे यार,

इस का अंश है इससे करे सवार्थ का बेहवार,

जब इतना सह कर तुझको दुआए देता है,

फिर गिन गिन कर .........

ईशा और जरुरत में है फर्क बड़ा होता,

मानव की दिरिशाना का कभी अंत नही होता

जब गलती की तुझे मोहित ये मफ्फी देता है,

फिर गिन गिन कर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।