खोल दे दरवाजा

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खोल दे दरवजा श्याम तन्नै मिलन नै आयी सै,

बाहर लिकड़ के देख श्याम तेरी मीरा बाई सै.....

देसी घी बादाम गेर के लायी रोट मै,

आजा जिमले हटादेनै पर्दे की ओट नै,

भर भर थाल या छप्पन भोग जिमावण आयी सै,

बाहर लिकड़ के देख श्याम तेरी मीरा बाई सै......

आज मिलण ना आया तो तेरे दर पै मरजांगी,

लागजया कलंक तेरै बदनाम मैं करज्यागी,

नही मिटती तेरे प्यार की जो तन्नै राड़ जगाई सै,

बाहर लिकड़ के देख श्याम तेरी मीरा बाई सै......

गोकुल नगरी अदा तेरी तै सुण अनजान थी,

लीला देख तेरी कान्हा माँ भी परेशान थी,

दुख मेरे भी मेट या तन्नै सुणावन आयी सै,

बाहर लिकड़ के देख श्याम तेरी मीरा बाई सै.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।