बांके बिहारी मेरे हमें कब बुलाओगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बांके बिहारी मेरे, हमें कब बुलाओगे,

वृन्दावन की गलियों में, तुम जो रूठ जाओगे,

बांके बिहारी मेरे......

बांके बिहारी मेरे, मुझे तुम जो याद आओगे,

दिन न कटे ये रात, हमें तुम रुलाओगे,

बांके बिहारी मेरे......

कीर्तन किये नाम के, भोग धरे श्याम के,

देरी होव ना घनश्याम तुम जो नाही आओगे,

बांके बिहारी मेरे......

पूजा पाठ करके भी मन मेरा ना लागे ये,

दीदार करू तेरे वो, ख्वाईश सूरत की,

बांके बिहारी मेरे......

भक्त खड़े दर वे कृपा तो कर दोगे,

धरम कहे घनश्याम चरन मे ले लोगे,

बांके बिहारी मेरे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।