एक बार शिवशंकर गौरा खेलें पता डार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

एक बार शिवशंकर गौरा खेलें पता डार,

गौरा ने बाज़ी मारी हार गए भोलेनाथ....

शिव शंकर ने लगा दिया अपना चंदा,

वो भी हारे और हार गए जट गंगा,

हाथ जोड़कर गौरा बोली स्वामी होश संभाल,

गौरा ने बाज़ी मारी हार.......

शिवशंकर ने लगा दिया सिलबट्टा,

वो भी हारे और हार गए भंग लोटा,

हाथ जोड़ कर गौरा बोली स्वामी होश संभाल,

गौरा ने बाज़ी मारी हार.......

शिव शंकर ने लगा दिया अपना डमरू,

वो भी हारे और हार गए पग घुँघरू,

हाथ जोड़कर गौरा बोली स्वामी होश संभाल,

गौरा ने बाज़ी मारी हार........

शिव शंकर ने लगा दिया अपना झोला,

वो भी हारे और हार गए सर्पमाला,

हाथ जोड़ फिर भोले बोले तू जीती हम हारे,

गौरा ने बाज़ी मारी हार.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।