महाकाल राजा दे दे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महाकाल राजा दे दे ,

उज्जैन का राजा दे दे,

थारे भरियो भंडार टो टो ना पड़े रे……

जिसने भी बाबा दर पर अर्जी लगाई रे,

वणीने बनायो थे तो सेठ रे,

मने का तरसावे दे दे,

महाकाल राजा दे दे ,

उज्जैन का राजा दे दे,

थारे भरियो भंडार टो टो ना पड़े रे......

म्हारे खावाने कोनी आलरी रे,

तू तो आरोगे लड्डू को भोग रे,

मने एक निवालों दे दे,

महाकाल राजा दे दे,

उज्जैन का राजा दे दे ,

थारे भरियो भंडार टो टो ना पड़े रे.....

तू तो बिराजो मंदिर महल मे रे,

म्हारे गारा की काची भीत रे,

मकान बनानो दे दे,

महाकाल राजा दे दे,

उज्जैन का राजा दे दे ,

थारे भरियो भंडार टो टो ना पड़े रे.......

महाकाल राजा दे दे,

उज्जैन का राजा दे दे,

थारे भरियो भंडार टो टो ना पड़े रे…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।