भोले बाबा की जय जय कार है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हिंदू मुस्लिम सिक्ख ईसाई सबकी यही पुकार है,

सबकी यही पुकार है,

सबकी यही पुकार है,

दुनिया में महाकाल प्रभू की सबसे बड़ी सरकार है,

महाकाल की जय जय कार है,

भोले बाबा की जय जय कार है,

महाकाल की जय जय कार है,

भोले बाबा की जय जय कार है…….

दुनिया में महाकाल प्रभु की सबसे बड़ी सरकार है,

महाकाल की जय जय कार है,

भोले बाबा की जय जय कार है,

महाकाल की जय जय कार है,

भोले बाबा की जय जय कार है……

स्वर्ग से बड़कर मेरे लिए महाकाल तेरा दरबार है,

महाकाल तेरा दरबार है,

स्वर्ग से बड़कर मेरे लिए महाकाल तेरा दरबार है,

सच केहता हूं इस दुनियां में बस तुमसे ही प्यार हे,

महाकाल की जय जय कार है,

भोले बाबा की जय जय कार है,

महाकाल की जय जय कार है,

भोले बाबा की जय जय कार है……

सर पे जिसके हाथ हो शिव का उसका बेड़ा पार है,

उसका बेड़ा पार है,

उसका बेड़ा पार है,

सर पे जिसके हाथ हो शिव का उसका बेड़ा पार है,

भोले करदे जिसपे पर किरपा उसका शुखी संसार है,

महाकाल की जय जय कार है,

भोले बाबा की जय जय कार है,

महाकाल की जय जय कार है,

भोले बाबा की जय जय कार है……

कालो के महाकाल तुम्ही हो देवो के महादेव हो,

देवो के महादेव हो,

देवो के महादेव हो,

कालो के महाकाल तुम्ही हो देवो के महादेव हो,

उज्जैन के महाराजा हो तुम सब में देव महान हो,

महाकाल की जय जय कार है,

भोले बाबा की जय जय कार है,

महाकाल की जय जय कार है,

भोले बाबा की जय जय कार है,

कालो के महाकाल तुम्ही हो देवो के महादेव हो….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।