महाकाल सरकार मेरे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चिता भस्म से रोज इनका होता रूप श्रृंगार,

होता रूप श्रृंगार ,

होता रूप श्रृंगार,

चिता भस्म से रोज इनका होता रूप श्रृंगार,

सभी देवों के महादेवा शंभू ,

सभी देवों के महादेवा हैं उज्जैन के महाकाल……

महाकाल सरकार मेरे,

महाकाल सरकार,

महाकाल सरकार मेरे ,

महाकाल सरकार,

उन्हें चिन्ता नहीं है काल की जिसपर हो कृपा महाकाल की......

जिस पर हो कृपा महाकाल की,

जिस पर हो कृपा महाकाल की,

महाकाल हे बड़े दयालु,

महाकाल हे बड़े दयालु करें सबका बेड़ा पार ….

महाकाल सरकार मेरे,

महाकाल सरकार,

महाकाल सरकार मेरे,

महाकाल सरकार,

महाकाल को ही बस चाहूं महाकाल को दिल में बसाऊं……

महाकाल को दिल में बसाऊं,

महाकाल को दिल में बसाऊं,

महाकाल को ही बस चाहूं महाकाल को दिल में बसाऊं......

महाकाल है मेरी दुनिया,

महाकाल है मेरी दुनिया ,

और वो ही मेरी सरकार,

महाकाल सरकार मेरे,

महाकाल सरकार,

महाकाल सरकार मेरे,

महाकाल सरकार,

भोले का बड़ा दरबार हे शिव जग के पालन हार…….

शिव जग के पालन हार,

शिव जग के पालन हार,

भोले का बड़ा दरबार हे शिव जग के पालन हार,

महादेव की किरपा से ही,

महादेव की किरपा से ही,

चलता हे मेरा परिवार,

महाकाल सरकार मेरे

महाकाल सरकार,

महाकाल सरकार मेरे,

महाकाल सरकार,

चिता भस्म से रोज इनका होता रूप श्रृंगार,

होता रूप श्रृंगार ,

होता रूप श्रृंगार,

चिता भस्म से रोज इनका होता रूप श्रृंगार......

सभी देवों के महादेवा शंभू,

सभी देवों के महादेवा हैं उज्जैन के महाकाल,

महाकाल सरकार मेरे,

महाकाल सरकार,

महाकाल सरकार मेरे,

महाकाल सरकार…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।