चिकनी मिट्टी से बनाये भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चिकनी मिट्टी से बनाये भोलेनाथ चढ़ाऊँ लोटा जल भर के……

पहना वचन माँगा माँ सीता ने,

मुझे मिली कौशल्या जैसी सास ससुर राजा दशरथ से,

चिकनी मिट्टी से बनाये भोलेनाथ चढ़ाऊँ लोटा जल भर के……

दूसरा वचन माँगा माँ सिया ने,

मुझे मिले भोले जैसे जेठ जेठानी गौरा मैया सी,

चिकनी मिट्टी से बनाये भोलेनाथ चढ़ाऊँ लोटा जल भर के…..

तीसरा वचन माँगा माँ सीता ने,

मुझे मिले पति श्री राम देवर लक्ष्मण जैसे,

चिकनी मिट्टी से बनाये भोलेनाथ चढ़ाऊँ लोटा जल भर के…..

चौथा वचन माँगा माँ सीता ने,

मुझे मिले भगत हनुमान पुत्र अंजनी लाल जैसे,

चिकनी मिट्टी से बनाये भोलेनाथ चढ़ाऊँ लोटा जल भर के…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।