बाबा लागी लगन

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ऐसी लागी लगन है तेरे नाम की,

बाबा लागी लगन है तेरे नाम की,

कोई पागल बुलाए तो मैं क्या कारू,

ऐसी लागी लगन है तेरे नाम की,

बाबा लागी लगन है तेरे नाम की….

तेरे चेहरे का तेज शंकर जी निराला है,

शीश के चांद में तेरे नूर का उजाला है,

तेरी जाटो से बहती जो गंगा की धारा है,

उसी के पवन जल ने सारे जग को तारा है,

जबसे बाबा मेरे दिल को तू भा गया,

कोई मुझको न भये तो मैं कारू,

ऐसी लागी लगन है तेरे नाम की,

कोई पागल बुलाए तो मुझे क्या कारू,

बाबा लागी लगन है तेरे नाम की.......

तेरी जटाओं का छोटा सा में एक बाल हूं,

साथ तेरे होने भोलेनाथ बेमिसाल हूं,

हाथ महाकाल तेरा थाम लिया दर कैसा,

तेरा ही भक्त तेरा चेला तेरा लाल हूं,

देखकर तुझको मुझको हाँ चैन आ गया,

कोई बेचन रहता है तो क्या कारू,

ऐसी लागी लगन है तेरे नाम की,

बाबा लागी लगन है तेरे नाम की,

बाबा लागी लगन है तेरे नाम की,

कोई पागल बुलाए तो मैं क्या कारू,

बाबा लागी लगन है तेरे नाम की…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।