मेरे भोलेनाथ प्यारे भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महादेव

महादेव

महादेव

महादेव

मेरा पहला प्यार तुझसे भोलेनाथ,

तुझसे भोलेनाथ के रूप में मेरी हर एक,

भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ,

प्यारे भोलेनाथ....

कैसे कह दूं बाबा तुझे,

क्या तूने नहीं दिया,

केसे कह दूं बाबा तुझे,

क्या तूने नहीं दिया,

जब भी रहा अकेला तेरा ही तो साथ पाया,

भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ,

प्यारे भोलेनाथ....

जिंदगी की धूप छाया,

कभी हसा कभी रोया,

जब भी रहा तू साथ,

मस्ती में जीता रहा....

शिव शंकर,

शिव शंकर,

रखले अपने पास,

शिव शंकर,

भोलेनाथ,

मेरे भोलेनाथ,

प्यारे भोलेनाथ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।