भेरूजी के भक्तो में देखो

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॥ पावन पाठ ॥

भेरू जी के भक्तो में देखो आज है खुशियाँ छाई

माघ शुक्ल तेरस की भक्तो मंगल घड़िया आई

स्थापना दिवस है भेरूजी का लागे बड़ा प्यारा

ढोल बजाओ, बजाओ नगाड़ा.....

मालाणी की धन्य धारा पे प्यारा नाकोड़ा धाम,

पार्श्व प्रभु के सेवक जिनका भैरव जी है नाम,

पावन पवित्र तीर्थ है ये सारे जग से है न्यारा,

ढोल बजाओ, बजाओ नगाड़ा.....

हिमाचल सूरी के हाथों से हुई प्रतिस्ठा तुम्हारी है,

जैसलमेरी पत्थर से बनी मूरत बड़ी प्यारी है,

समकित धारी देव तुम्हारा होवे जय जयकारा,

ढोल बजाओ, बजाओ नगाड़ा.....

धरती झूमे अम्बर झुमें, झूमे दशो दिशाये,

टुकलिया परिवार ये देखो झूमें नाचे गाये,

भैरव भक्तो के संग दिलबर, झूम रहा जग सारा,

ढोल बजाओ, बजाओ नगाड़ा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।