करले चिंतन छोड़ दे चिंता सब उसके है हाथ

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

करले चिंतन छोड़ दे चिंता,

सब उसके है हाथ,

बैठा है वो चिंता हरन को,

सदा ही तेरे साथ,

करले चिंतन छोड़ दे चिंता......

चिंता बनती चिता का कारण,

करले तनिक विचार,

एक बार मन की व्यथा सब कहदे,

जाकर उसके द्वार,

हर लेगा सारी पीड़ा,

जो धर दिया सर पे हाथ

बैठा है वो चिंता हरन को,

सदा ही तेरे साथ,

करले चिंतन छोड़ दे चिंता.....

बड़ा दयालु है कृपालु,

है वो सब सुखों का सार,

जा चरण में उसकी शरण में,

करता है सबसे प्यार,

एक अगोचर है सबका स्वामी,

है सब दीनों का नाथ,

राजीव कहे तन की अपने मन की,

बिगड़ी बनेगी बात,

कह तन की तू अपने मन की,

तेरी बिगड़ी बनेगी बात,

बैठा है वो चिंता हरन को,

सदा ही तेरे साथ,

करले चिंतन छोड़ दे चिंता.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।