जय जय हनुमान जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय जय जय जय हनुमान जी,

आएंगे फिर से हनुमान जी तुम करो तैयारी जी,

छाएगा फिर से खुशहाली तुम करो तैयारी जी…….

राम भक्ति में लीन राम के पुजारी,

दुखी जन के सहारा ये है दुख हारी,

जब भी दिल से पुकारा आए हैं हनुमान जी…..

पापी दुष्ट को मार भगाया ये हनुमान हमारा,

संत जनों के है रखवाला ये हनुमान हमारा,

पल भर में आ जाए ये हनुमान हमारी जी…….

रामलला का प्यारा हर दुखियों का अपना,

आज वह पूरा करेंगे सपना था जो अपना,

वंदन तुम भी कर लो प्रेम पुजारी जी,

छाएगा फिर से खुशहाली तुम करो तैयारी जी…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।