भजन करो जिंदगानी में

पारंपरिक
हनुमान जी भजन विविध भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सारी दुनिया पानी में भजन करो जिंदगानी में....

राम लखन दशरथ के बेटा,

वन भेजे महतारी में भजन करो जिंदगानी में.....

श्री राम जी नाव में बैठे,

नाव छोड़ दई पानी में भजन करो जिंदगानी में.....

पंचवटी पै सिया चुराई,

सिया पहुंच गई पानी में भजन करो जिंदगानी में.....

सीता जी की सुध लेने को,

हनुमत पहुंचे पानी मैं भजन करो जिंदगानी में.....

हनुमान ने लंका जलाई,

पूछ बुझा दई पानी में भजन करो जिंदगानी में....

हनुमान ने करी लड़ाई,

आया पसीना पानी में भजन करो जिंदगानी में....

एक बूंद गिरी मछली के मुख में,

गरब ठहर गये पानी में भजन करो जिंदगानी में.....

श्रीराम ने करी है पूजा,

पुल बंदबाय दिए पानी में भजन करो जिंदगानी में....

राम नाम पत्थर लिखवाए,

पत्थर तेरा ही पानी में भजन करो जिंदगानी में.....

लक्ष्मण जी के शक्ति लगी थी,

हनुमत नहाए पानी में भजन करो जिंदगानी में......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।