जय भोले बाबा भोले भंडारी

अनुराधा पौडवाल
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

शिव शिव मनवा बोले, और कही ना डोले,

शिव शिव मनवा बोले, और कही ना डोले…..

जय भोले बाबा, भोले भंडारी,

जय भोले बाबा, भोले भंडारी,

छवि तिहारी, है सबसे न्यारी,

छवि तिहारी, है सबसे न्यारी,

जय भोले बाबा, भोले भंडारी,

जय भोले बाबा, भोले भंडारी,

शिव शिव मनवा बोले, और कही ना डोले,

शिव शिव मनवा बोले, और कही ना डोले…….

मस्तक पर साजे शशि शीतल,

धार जटा गंगा जल शीतल....

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

धाम तेरो दर्शन तेरो शीतल,

प्रिय है तुझे अर्पित जल शीतल,

जय चन्द्रमौली, जय गंगाधारी,

जय चन्द्रमौली, जय गंगाधारी,

जय भोले बाबा, भोले भंडारी,

जय भोले बाबा, भोले भंडारी.....

तू महाकाल त्रिकाल रचाये,

दृष्टि मूंदे सृष्टि सजाये,

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

घट घट वासी, तू अभिलाषि,

जय कैलाशी जय जय काशी,

जय त्रिपुरारी त्रिनेत्रधारी,

जय त्रिपुरारी त्रिनेत्रधारी,

जय भोले बाबा, भोले भंडारी,

जय भोले बाबा, भोले भंडारी,

शिव शिव मनवा बोले, और कही ना डोले,

शिव शिव मनवा बोले, और कही ना डोले,

शिव शिव मनवा बोले, और कही ना डोले…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।