माता तेरे चरणों की

अनुराधा पौडवाल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय जय माता रानी,

जय जय माता रानी…….

माता तेरे चरणों की,

मैया तेरे चरणों की,

अगर धूल जो मिल जाए,

सच कहता हूं मेरी,

सच कहता हूं मेरी,

तकदीर बादल जाए,

माता तेरे चरणों की,

मैया तेरे चरणो की………

सुनते है तेरी रहमत,

दिन रात बरसती है,

सुनते है तेरी रहमत,

दिन रात बरस्ती है,

एक बूंद जो मिल जाए,

एक बूंद जो मिल जाए,

दिल की कली खिल जाए,

माता तेरे चरणों की,

मैया तेरे चरणो की………

ये मन बड़ा चंचल है,

कैसे इसे समझाऊ,

ये मन बड़ा चंचल है,

कैसे इसे समझाऊ,

जितना इसे समझाऊ,

जितना इसे समझाऊ,

उतना ही मचल जाए,

माता तेरे चरणों की,

मैया तेरे चरणो की………

नज़रो से गिरना ना,

चाहे कितनी सजा देना,

नज़रो से गिरना ना,

चाहे कितनी सजा देना,

नजरो से जो गिर जाए,

नजरो से जो गिर जाए,

मुश्किल ही संभल पाए,

माता तेरे चरणों की,

मैया तेरे चरणो की………

माता इस जीवन की,

बस एक तमन्ना है,

मैया इस जीवन की,

बस एक तमन्ना है,

तुम सामने हो मेरे,

तुम सामने हो मेरे,

मेरा दम ही निकल जाए,

माता तेरे चरणों की,

मैया तेरे चरणो की………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।