दरजी सिम दे निसान मन्ने खाटू जानो से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वालो श्याम धणी से,

हेत पुराणों से,

दरजी सिम दे निसान,

मन्ने खाटू जानो से ॥

कितनो मीटर कपड़ो ल्याओ,

कुणसो ल्याओ रंग,

लहरावे जद आसमान पर,

दुनिया हो जा दंग,

बोल दरजी बोल मन्ने,

के के ल्याणा से,

दर्जी सिम दे निसान,

मन्ने खाटू जानो से,

खाटू वालो श्याम धणी से,

हेत पुराणों से,

दर्जी सिम दे निसान,

मन्ने खाटू जानो से ॥

लांबी लांबी लाठी माहि,

बाबा को निसान,

बिन बोल्या ही समझे दुनिया,

कर दे एक पहचान,

झंडे ऊपर मन्ने,

जय श्री श्याम लिखाणा से,

दर्जी सिम दे निसान,

मन्ने खाटू जानो से,

खाटू वालो श्याम धणी से,

हेत पुराणों से,

दर्जी सिम दे निसान,

मन्ने खाटू जानो से ॥

हाथ जोड़ के बोलू दरजी,

दिखा तेरी चतुराई,

बनवारी जो भी मांगेगो,

दूंगा तनने सीमाई,

आयो फागण मेलो मन्ने,

श्याम रिझानो से,

दर्जी सिम दे निसान,

मन्ने खाटू जानो से,

खाटू वालो श्याम धणी से,

हेत पुराणों से,

दर्जी सिम दे निसान,

मन्ने खाटू जानो से ॥

मेरे मन में प्रेम जाग गयो,

मैं भी खाटू जाऊं,

घर वाला ने सागे ले जाकर,

एक निसान चढ़ाऊँ,

श्याम धणी से मन्ने भी,

एक काम पटाणो से,

सेवक लेले तेरे साथ,

मन्ने खाटू जानो से,

दर्जी सिम दे निसान,

मन्ने खाटू जानो से,

खाटू वालो श्याम धणी से,

हेत पुराणों से,

दर्जी सिम दे निसान,

मन्ने खाटू जानो से ॥

दरजी सिम दे निसान,

मन्ने खाटू जानो से,

खाटू वालो श्याम धणी से,

हेत पुराणों से,

दरजी सिम दे निसान,

मन्ने खाटू जानो से ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।