मेरे बाबा का आया है दावर चलो जी सब नमन करे,

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॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा का आया है दावर चलो जी सब नमन करे,

नमन करे साईं भजन करे,

सबका मालिक तू ही साईं दावर पे तेरे संगत आई,

बिगड़ी पल में सबकी बनाये जो भी दर पे तेरे आये ,

सभी भगतो को देते हो प्यार,

चलो जी सब नमन करे....

सुनलो बिनती साईं गिरधारी जग में तेरी महिमा न्यारी,

हिन्दू,मुस्लिम,सिख,आस्याई तुमको मनाये दुनिया सारी,

तेरे भगतो में छाया है खुमार चलो जी सब नमन करे,

मेरे बाबा का आया है दावर चलो जी सब नमन करे,

सच्चे मन से साईं मना लो मन में अपने साईं बसा लो,

साईं माला फेर लो भगतो बुरे कर्म सब छोड़ तो अब तो ,

मेरे साईं जी करदो उधार चलो जी सब नमन करे,

मेरे बाबा का आया है दावर चलो जी सब नमन करे,

सबकी मंजिल तेरा द्वारा जग में तुम करते उझला,

दर्श को तेरे अँखियाँ तरसे प्यास में तेरी नैना बरसे,

भाग्य मेरा भी देना सवार चलो जी सब नमन करे,

मेरे बाबा का आया है दावर चलो जी सब नमन करे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।