नमो नारायण नमो नारायण रटता जा

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

नमो नारायण नमो नारायण नमो नारायण रटता जा,

ॐ हरि ॐ हरि ॐ हरि ॐ हरि ॐ ॐ हरि ॐ हरि जपता जा......

नारायण वैकुंठ पति है, गल वैजंती माला है,

चरण कमल से गंगा निकली, चरणामृत को लेता जा,

नमो नारायण नमो नारायण नमो नारायण रटता जा......

तुलसी पत्र से भोग लगत है, शेष नाग की शैय्या है,

गरुड़ की असवारी सोहे, लक्ष्मी नाथ को रटता जा,

नमो नारायण नमो नारायण नमो नारायण रटता जा......

देवो को अमृत रस पाया, लीला अपरंपार तेरी,

मोहिनी रूप बनाया हरि ने, लीलाधर को रटता जा,

नमो नारायण नमो नारायण नमो नारायण रटता जा......

भागवत थारी महिमा गावे, गावे नर और नारी है,

ऐसे दीन दयाल मेरे दाता, नारायण को भजता जा,

नमो नारायण नमो नारायण नमो नारायण रटता जा......

स्वरचित- पंडित ओमप्रकाश जी शास्त्री

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।