श्री राम जय राम मेरे राम जय जय राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

श्री राम जय राम मेरे राम जय जय राम

==============================

( श्री राम,,, जय जय राम, जय जय राम l

जय जय राम, सिया राम, जय जय राम,

सिया राम, जय जय राम ll )

श्री राम, जय राम, मेरे राम, जय जय राम l

सिया राम, जय राम, मेरे राम, जय जय राम ll

एक बार,,, ll, रघुवर की नज़रों का,

इशारा हो जाए,,,

श्री राम, जय राम, मेरे राम, जय जय राम l

सिया राम, जय राम, मेरे राम, जय जय राम ll

तेरी लगन में, खो जाऊँ ll

दुनियाँ से किनारा, हो जाए l

एक बार जो, रघुवर की नज़रों का,

इशारा हो जाए,,,

श्री राम, जय राम, मेरे राम,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

श्री राम तुम्हारे, चरणों में,

आशीष, सभी को, मिलती है l

सिया रा,,,म, जय जय रा,,,म,

जय जय रा,,,म जय जय रा,,,म l

श्री राम तुम्हारे, चरणों में,

आशीष सभी को, मिलती है l

यह धूल तुम्हारी, मिल जाए ll,

जीवन का, सहारा हो जाए,,,

तेरी लगन में, खो जाऊँ ll,

दुनियाँ से किनारा, हो जाए,,,

एक बार जो, रघुवर की नज़रों का,

इशारा हो जाए,,,

श्री राम, जय राम, मेरे राम,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

सरकार तुम्हारी, महफ़िल में,

आशीष सभी को, मिलती है ll

मेरी भी, बिगड़ी बन जाए ll,

अहसान, तुम्हारा हो जाए,,,

तेरी लगन में, खो जाऊँ ll

दुनियाँ से किनारा, हो जाए,

एक बार जो, रघुवर की नज़रों का,

इशारा हो जाए,,,

श्री राम, जय राम, मेरे राम,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

यह श्री राम का, मंदिर है,

भागीरथ गंगा, बहती है ll

सब लोग यहाँ, पर तरते हैं ll,

भव पार सभी का, हो जाए,,,

तेरी लगन में, खो जाऊँ ll,

दुनियाँ से किनारा, हो जाए,

एक बार जो, रघुवर की* नज़रों का,

इशारा हो जाए,,,

श्री राम, जय राम, मेरे राम,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।