राधे कृष्ण राधे श्याम

अनुराधा पौडवाल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे कृष्ण… राधे श्यामा……

राधे कृष्ण… राधे श्यामा……

राधे कृष्ण… राधे श्यामा……

राधे कृष्ण… राधे श्यामा……

राधा जी के तन में मन में,

ध्यान मैं कृष्णा बसे है….

हृदय मैं कृष्णा है और राधा के,

प्राण में कृष्णा बसे है…….

कृष्ण का प्रेम है कृष्ण की प्रीत है,

कृष्णा की मीत भी है राधा,

कृष्णा की बांसुरी से निकला हर सुर संगीत भी है राधा.....

राधे राधे कृष्ण राधे राधे श्यामा,

राधे राधे कृष्ण राधे राधे श्यामा………

राधे कृष्ण राधे कृष्ण,

राधे श्यामा राधे श्यामा….

राधे कृष्ण राधे कृष्ण,

राधे श्यामा राधे श्यामा….

राधे कृष्ण राधे श्यामा.,

राधे कृष्ण राधे श्यामा.

प्रेम है पूजा प्रेम है भक्ति,

प्रेम है पूरा समर्पण……

राधा जैसा प्रेम जो हो तो,

मिले कृष्णा का दर्शन…..

राधाजी के नाम का मोल तो,

कभी ना तोल सका जाए,

है अनमोल ये नाम जो कृष्णा का,

पहले बोल सका जाए……

राधे राधे कृष्ण राधे राधे श्यामा,

राधे राधे कृष्ण राधे राधे श्यामा..

राधे कृष्ण…राधे श्यामा…

राधे कृष्ण… राधे श्यामा……

राधे कृष्ण… राधे श्यामा……

राधे कृष्ण… राधे श्यामा……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।