तुम दो कदम चलोगे तो मैं दस कदम चलूँगा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तुम दो कदम बढो मै दस कदम बढुंगा,

तुम ध्यान मेरा लगाओ मै हाजिर हो जाउंगा,

तुम दो कदम बढो मै दस कदम बढुंगा……..

क्या दिल मै तुम्हारे है सब जानता हूं मै,

क्या कर्म है तुमहारे पहचानता हुं मै,

तु मेरे वचन से चलेगा तक़दीर बना दुंगा,

तुम दो कदम बढो…….

तेरी डुबती नैया का माझी बन जाउंगा,

तु छोड़ दे चिन्ता आंधी को रोक लुंगा,

तु रखदे मुछ पे भरोसा नैया पार करा दुंगा,

तुम दो कदम बढो…..

तु आगे चलता जा तेरे पीछे मै रहुंगा,

तु थक गया राहों में मै तुझको उठा के चँलूगा,

हर वक़्त हर घडी हमसाया बनके रहुंगा,

तुम दो कदम बढो…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।