॥ पावन पाठ ॥
तुम दो कदम बढो मै दस कदम बढुंगा,
तुम ध्यान मेरा लगाओ मै हाजिर हो जाउंगा,
तुम दो कदम बढो मै दस कदम बढुंगा……..
क्या दिल मै तुम्हारे है सब जानता हूं मै,
क्या कर्म है तुमहारे पहचानता हुं मै,
तु मेरे वचन से चलेगा तक़दीर बना दुंगा,
तुम दो कदम बढो…….
तेरी डुबती नैया का माझी बन जाउंगा,
तु छोड़ दे चिन्ता आंधी को रोक लुंगा,
तु रखदे मुछ पे भरोसा नैया पार करा दुंगा,
तुम दो कदम बढो…..
तु आगे चलता जा तेरे पीछे मै रहुंगा,
तु थक गया राहों में मै तुझको उठा के चँलूगा,
हर वक़्त हर घडी हमसाया बनके रहुंगा,
तुम दो कदम बढो…….