खाटू ही है स्वर्ग मेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू ही है स्वर्ग मेरा और खाटू ही कश्मीर है,

मैं जब से खाटू आया मेरी बदल गई तकदीर है……

हाल बुरे थे फिर एक दिन मैं इनकी शरण में आया,

काबिल नहीं था फिर भी सेठ ने भर भर प्यार लुटाया,

श्याम सहारा हारों का भक्तों की हरता पीड है,

मैं जब से खाटू आया मेरी बदल गई तकदीर है…….

ना भावे अब दौलत शोहरत ना ही कोई खजाना,

दिल ये चाहे लगा रहे बस खाटू आना जाना,

इस दिल में जो बस्ती है वो श्याम तेरी तस्वीर है,

मैं जब से खाटू आया मेरी बदल गई तकदीर है….

मान मिला सम्मान मिला दातारी की भक्ति से,

सब भक्तों का प्यार मिला एक नाम मिला भक्ति से,

दुनियादारी की फिक्र नहीं बस श्याम कृपा की नीड है,

मैं जब से खाटू आया मेरी बदल गई तकदीर है……

हारे का हैं श्याम सहारा बात तू जब ये मानेगा,

हारे हुए का साथ जो देगा श्याम ही तुझे सवारेगा,

बात समझ ले मूर्ख प्राणी बात बड़ी गंभीर है,

मैं जब से खाटू आया मेरी बदल गई तकदीर है……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।