आना अंजनी के लाल हमारे हरि कीर्तन में

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आओ जी आओ जी हनुमान,

आना पवन कुमार हमारे हरि कीर्तन में,

आना अंजनी के लाल हमारे हरि कीर्तन में,

आप भी आना संग राम जी को लाना,

राम जी को लाना जी राम जी को लाना,

लाना जकन दुलार हमारे हरि कीर्तन में,

आना पवन कुमार हमारे हरि कीर्तन में....

भरत जी को लाना लक्ष्मण जी को लाना,

लक्ष्मण जी को लाना जी लक्ष्मण जी को लाना,

लाना सब परिवार हमारे हरि कीर्तन में,

आना पवन कुमार हमारे हरि कीर्तन में....

कृष्ण जी को लाना राधा जी को लाना,

राधा जी को लाना जी राधा जी को लाना,

लाना शिव परिवार हमारे हरि कीर्तन में,

आना पवन कुमार हमारे हरि कीर्तन में....

विष्णु जी को लाना नारद जी को लाना,

नारद जी को लाना संग नारद जी को लाना,

बाजे वीणा के तार हमारे हरि कीर्तन में,

आना पवन कुमार हमारे हरि कीर्तन में.....

सुमति को लाना और कुमति को हटाना,

कुमति को हटाना जी कुमति को हटाना,

कर दो बेडा पार हमारे हरि कीर्तन में,

आना पवन कुमार हमारे हरि कीर्तन में....

बजरंग मंडल पे कृपा करके,

कृपा करके कृपा करके,

सुन लो नाथ पुकार हमारे हरि कीर्तन में,

आना पवन कुमार हमारे हरि कीर्तन में......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।