छोटी छोटी कजंका छोटी छोटी माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

छोटी छोटी कजंका छोटी छोटी माँ

छोटे से चरणों मे सारा ही जहाँ

छोटे छोटे नैनो ममता अपार,

छोटे छोटे मुखङे जग बलिहार,

छोटे छोटे हाथो मिठ्ठी मिठ्ठी छाँ,

छोटे से चरणों मे सारा ही जहाँ,

छोटी छोटी मैया का हदय विशाल,

छोटी मैया देती बङो सकंटो को देती टाल,

छोटी के बस मे है जमीं अासमान,

छोटे से चरणों मे सारा ही जहाँ,

छोटे छोटे चेहेरो पे मिठ्ठी मुस्कान,

हो के दयाल देती सबको वरदान,

ममता की देवी ऐसी मिलगी कहाँ,

छोटे से चरणों मे सारा ही जहाँ

चचंल की बिनती माँ करो स्वीकार,

एक बार मिल जाये हमे दीदार,

जान भी दाती है कुर्बान,

छोटे से चरणों मे सारा ही जहाँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।