राम रमैया गाए जा राम से लगन लगाए जा

अनूप जलोटा
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दोहा : राम नाम रटते रहो, जब तक घट में प्राण ।

कभी तो दीन दयाल के भनक पड़ेगी कान ॥

राम रमैया गाए जा राम से लगन लगाए जा ।

राम ही तारे राम उभरे, राम नाम दोहराए जा ॥

सुबह यहाँ तो श्याम वहां है, राम बिना आराम कहाँ है ।

राम रमैया गाये जा, प्रभु से प्रीत लगाए जा ॥

भटकाए जब भूल भुलैया, बीच भावर जब अटके नैया ।

राम रमैया गाये जा, हर उलझन सुलझाए जा ॥

राम नाम बिन जागा सोया, अन्धिआरे में जीवन खोया ।

राम रमैया गाये जा, मन का दीप जलाए जा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।