उस बांसुरी वाले की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

उस बाँसुरी वाले की लीले घोड़े वाले की,

उस बांसुरी वाले की लीले घोड़े वाले की,

गोदी में सो जाऊँ मेरा दिल करता है,

श्याम के भजनों में खो जाऊं………

देखी दुनियाँ दीवानी ये मतलब की मस्तानी,

बिन मतलब रूख़ ना जोड़े यहाँ नित नित नयी कहानीं,

किस किस को छोड़ू बाबा किस किस को अपनाऊँ,

मेरा दिल करता है श्याम के भजनों में खो जाऊं….

सुख दुःख पहलू ज़ीवन के बस वहम ही है ये मन के,

कोई हस हस के सहता है कोई सहता है तन तन के,

जीवन की पहेली उलझीं में कैसे सुलझाऊ,

मेरा दिल करता है श्याम के भजनों में खो जाऊं……

बंधन दुनिया के झूठें कोई माने कोई रूठे,

"संजू" चाहे जग छूटें ये तार कभी ना टूटे,

बस इतनी किरपा कर दे में तेरा हो जाऊ,

मेरा दिल करता है श्याम के भजनो में खो जाऊ,

उस बाँसुरी वाले की लीले घोड़े वाले की,

गोदी में सो जाऊँ मेरा दिल करता है,श्याम के भजनों में खो जाऊं…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।