हारा वाला क्यू रुस्या

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

थोड़ी जही ज़िंदगी होर, हारा वाला क्यू रुस्या,

क्यू रुस्या क्यू रुस्या....

बाजार वी कहन्दा फीता,

असा जहर जुदाई वाला पीता,

असा प्यार तेरे नाल किता,

हारा वाला क्यू रुस्या,

थोड़ी जही ज़िंदगी होर....

बाज़ार वी कहन्दा लारा,

तैनू छड्ड के किदर जावा,

तेरे नाल मै लाइया लावा,

हारा वाला क्यू रुस्या,

थोड़ी जही ज़िंदगी होर....

बाज़ार वी कहन्दा लोई,

तेरी याद च छम छम रोई,

ओ मै ता तेरी होई,

हारा वाला क्यू रुस्या,

थोड़ी जही ज़िंदगी होर....

बाजार वी कहन्दा कील वे,

सानू कुंज गली विच मिल वे,

ओ साडा तेरे उत्ते आया दिल वे,

हारा वाला क्यू रुस्या,

थोड़ी जही ज़िंदगी होर....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।