परम पिता के श्री चरणों मे

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

परमपिता के श्री चरणों में प्रणवत बारम्बार.....

(मेरा फले-फुले परिवार मेरा फले-फुले परिवार !)

बेटा मेरा मित्र के जैसा, हर पल मेरी परवाह करता,

धन और शोहरत खूब कमाये, फिर भी मेरा ख्याल है रखता,

इसकी ऐसी सेवा भक्ति से हम हो गये निहाल,

मेरा फले-फुले परिवार.....

बेटी मेरी बड़ी सयानी, घर में जैसे चिड़ियारानी,

जब ये अपने घर जायेगी, इसकी याद बहुत आयेगी,

मात पिता की मर्यादा का रखती पूरा ख्याल,

मेरा फले-फुले परिवार.....

बहुरानी ऐसी है आई, लगता है ये मेरी जाई,

घर को संभाले चतुराई से, इसकी बोली मन को भायी,

मिटा अंधेरा हुवा उजाला करती सबको प्यारा,

मेरा फले-फुले परिवार.....

जैसा मुझे परिवार मिला है, वैसा प्रभु तुम सबको देना,

आपस में मिल जुल के रहे हम ऐसी बुद्धि बनाये रखना,

तेरी कृपा से बना रहे प्रभु प्यार का यह व्यवहार,

मेरा फले-फुले परिवार.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।