सांसों का बनाके हार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( जीवन की हर साँस में,

लिख दे श्याम प्रभु का नाम,

भावों भरी सांसो की माला,

स्वीकार करेंगे श्याम || )

सांसो का बना के हार,

बाबा को चढ़ा दे,

भावों का पिरो के हार,

बाबा को चढ़ा दे ||

सांसो का ठिकाना क्या है,

धोखा दे जाएगी,

इक पल आएगी,

दूजे पल रुक जाएगी,

तेरी साँसों का उपहार,

बाबा को चढ़ा दे,

साँसो का बना के हार,

बाबा को चढ़ा दे ||

जिसने ये बख़्शी सांसे,

उसके ही नाम कर,

परलोक का भी प्यारे,

थोड़ा इंतजाम कर,

हो जायेगा भव पार,

बाबा को चढ़ा दे,

साँसो का बना के हार,

बाबा को चढ़ा दे ||

किसने गिनी है सांसे,

कितनी ये आएगी,

एक सांस बन्दे तुझको,

श्याम से मिलाएगी,

ऐ हर्ष तेरे उद्गार,

बाबा को चढ़ा दे,

सांसो का बना के हार,

बाबा को चढ़ा दे ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।