मेरी मइया ने कैसी सौगात दे दी,

नरेन्द्र चंचल
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरी मइया ने कैसी सौगात दे दी,

जागरण के लिये सारी रात दे दी

कर लो जागरण मइया का –॥

रात का जो भी जागरण कराये,

भगवती माता घर उसके आये –॥

ओ लेके बजरंगी संग,

भैरों मस्त मलंग,

ओ माँ ने भक्तों को दर्शन की रात दे दी

जागरण के लिये सारी रात दे दी

कर लो जागरण मइया का – ॥

दुख हरणी ये दीन दयाला,

ये माँ काली ये मां ज्वाला,

मारे शुम्भ निशुम्भ,

मधु-कैदम-कुटुम्ब

ओ माँ ने कैसे-कैसे दुष्टों को मात दे दी

जागरण के लिये सारी रात दे दी

कर लो जागरण मइया का – ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।