मंदिर सूना बिन ज्योति

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मंदिर सूना बिन ज्योति माला सूनी बिन मोती……

बालाजी के प्यार बिना राम के दीदार बिना,

किस्मत जागे ना सोती माला सुनी बिन मोती,

मंदिर सूना बिन ज्योति माला सूनी बिन मोती……

राम मेरे हनुमान बिना सेवा श्रध्दा ज्ञान बिना,

पुरी इच्छा ना होती माला सुनी बिन मोती,

मंदिर सूना बिन ज्योति माला सूनी बिन मोती……

मेंहदीपुर के धाम बिना बालाजी के नाम बिना,

भक्ति चित ने ना मोहती माला सुनी बिन मोती,

मंदिर सूना बिन ज्योति माला सूनी बिन मोती……

सुना कमल जल खुशबु बिना दर्शन ना सही लो ए बिना,

जल बिन अंखियां ना रोती माला सुनी बिन मोती,

मंदिर सूना बिन ज्योति माला सूनी बिन मोती……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।