बालाजी मनै रस्ता दे दे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हो के बुझेगा मन की बाबा मेरा रूस गया भगवान,

बालाजी मनै रस्ता दे दे तेरा गुण भूलू ना शान.......

इन भुतां ने हो मेरे बाबा मेरी करदी रे रे माटी,

बाबा हो मेरा कोए नहीं स मेरी दुख मे पाटः छाती,

कोई नहीं स मेरा हिमाती इब तुँ ही बचाले जान,

हो बाबा मन्नै रस्ता दे दे तेरा गुण भुलुं ना शान.......

कोई नहीं मेरा भाई चारा मैं आण पड़या सुं दर पे,

बाबा हो मेरी धीर बंधादे मेरे हाथ टेकदे सिर पे,

आण पड़या सुँ तेरे दर प यो नफरत करः जहान,

बालाजी मनै रस्ता दे दे तेरा गुण भूलू ना शान.......

दुनिया के मह डंका बाजे हो बाबा तेरे नाम का,

हो रामायण मैं लिख राखी से तू सच्चा सेवक राम का,

प्रेत राज और भैरों बाबा तेरे दूत वीर बलवान,

बालाजी मनै रस्ता दे दे तेरा गुण भूलू ना शान.......

राम किशन कह तेरे द्वार की मने लीला लागि प्यारी,

हो बाबा कृपा कर के कदे तू म्हारे आजा गाम सुनारी,

हो दिल मैं आशा भारी तुम कृपा करो भगवान,

बालाजी मनै रस्ता दे दे तेरा गुण भूलू ना शान.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।