गंगा धारा शिव गंगा धारा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

हर हर बोले नमः शिवाय

नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

हर हर बोले नमः शिवाय……..

गंगा धारा शिव गंगा धारा

हर हर बोले नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

हर हर बोले नमः शिवाय

नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

हर हर बोले नमः शिवाय…

सबसे बड़ा तेरा है दरबार

तू ही मेरा पालनहार

पालन करे तू रक्षा करे

तू हमरी है सरकार…….

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

हर हर बोले नमः शिवाय

नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

हर हर बोले नमः शिवाय....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।