दिल तुमको दिया ओ भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तूने ऐसा डमरू बजाया,

तूने ऐसा डमरू बजाया……

मेरा मन हर लिया ओ भोलेनाथ,

दिल तुझको दिया ओ भोलेनाथ….

दिल तुझको दिया ओ भोलेनाथ,

तेरे चरणों में ध्यान लगाया…….

तेरे चरणों में ध्यान लगाया,

मुझे अपना लिया ओ भोलेनाथ….

मुझे अपना लिया ओ भोलेनाथ,

दिल तुझको दिया ओ भोलेनाथ…

अरे ओ भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ,

दिल तुझको दिया ओ भोलेनाथ……

ये क्या कर दिया ओ भोलेनाथ,

मैं तो बैठी थी गंगा किनारे..

मै तो बैठी थी गंगा किनारे,

आके दर्शन दिया ओ भोलेनाथ,

दिल तुझको दिया ओ भोलेनाथ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।