जोड़ी बने विशाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जोड़ी बने विशाल राधेश्याम सीताराम,

राधेश्याम सीताराम राधेश्याम सीताराम….

पहली जोड़ी चांद सूरज की,

चांद सूरज की चांद सूरज की,

जिससे जग भय उजियार, राधेश्याम सीताराम,

जोड़ी बने विशाल राधेश्याम सीताराम,

राधेश्याम सीताराम राधेश्याम सीताराम…

दूसरी जोड़ी गंगा यमुना की,

गंगा यमुना की गंगा यमुना की,

जिससे जल स्नान, राधेश्याम सीताराम,

जोड़ी बने विशाल राधेश्याम सीताराम,

राधेश्याम सीताराम राधेश्याम सीताराम….

तीसरी जोड़ी मात-पिता की,

मात-पिता की मात पिता की,

जिनसे जन्म हमार राधेश्याम सीताराम,

जोड़ी बने विशाल राधेश्याम सीताराम,

राधेश्याम सीताराम राधेश्याम सीताराम…..

चौथी जोड़ी गुरु हमारे की,

गुरु हमारे की गुरु हमारे की,

जिनसे शिक्षा हमार राधेश्याम सीताराम,

जोड़ी बने विशाल राधेश्याम सीताराम,

राधेश्याम सीताराम राधेश्याम सीताराम…

पांचवी जोड़ी सास ससुर की,

सास ससुर की सास ससुर की,

जिनसे पति हमार राधेश्याम सीताराम,

जोड़ी बने विशाल राधेश्याम सीताराम,

राधेश्याम सीताराम राधेश्याम सीताराम…

छठी जोड़ी हमारे पति की,

हमारे पति की हमारे पति की,

जिनसे सोलह सिंगार राधेश्याम सीताराम,

जोड़ी बने विशाल राधेश्याम सीताराम,

राधेश्याम सीताराम राधेश्याम सीताराम.....

सातवीं जोड़ी बेटा बेटी की,

बेटा बेटी की बेटा बेटी की,

जिनसे घर उजियार राधेश्याम सीताराम,

जोड़ी बने विशाल राधेश्याम सीताराम,

राधेश्याम सीताराम राधेश्याम सीताराम……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।