ऐसा तेरा बल है बजरंग

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ऐसा तेरा बल है बजरंग,

कोई जान ना पाया है,

हो चाहे कोई काम असंभव,

तूने पल में बनाया है,

हो चाहे कोई काम असंभव,

तूने पल में बनाया है……..

सालासर में महल तुम्हारा,

मेहंदीपुर में अखाडा है,

भुत प्रेत दुष्टों दानव को,

तुमने पल में पछाड़ा है,

त्रेता से कलयुग तक तुमसा,

त्रेता से कलयुग तक तुमसा,

वीर नहीं हो पाया है,

हो चाहे कोई काम असंभव,

तूने पल में बनाया है,

हो चाहे कोई काम असंभव,

तूने पल में बनाया है……..

संत जनो के हो हितकारी,

और दुष्टों के काल हो तुम,

रामचन्द्र के भक्त सिया के,

सबसे प्यारे लाल हो तुम,

राम से मिलने का माध्यम,

राम से मिलने का माध्यम,

कलयुग में तुम्हे बताया है,

हो चाहे कोई काम असंभव,

तूने पल में बनाया है,

हो चाहे कोई काम असंभव,

तूने पल में बनाया है……..

ऐसा कौन सा काम है जो,

बजरंगी ना कर पाओगे,

हमको है विश्वास की एक दिन,

राम से हमको मिलाओगे,

ये आशा लेकर के ‘सूरज’,

ये आशा लेकर के ‘सूरज’,

हो चाहे कोई काम असंभव,

तूने पल में बनाया है,

हो चाहे कोई काम असंभव,

तूने पल में बनाया है……..

ऐसा तेरा बल है बजरंग,

कोई जान ना पाया है,

हो चाहे कोई काम असंभव,

तूने पल में बनाया है,

हो चाहे कोई काम असंभव,

तूने पल में बनाया है……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।