भोलेनाथ जी मने भूल ना जाना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,

मोहे छोड़ कर कही दूर ना जाना,

दिल की धड़कन बोले बम बम भोले जी,

भोले की सरकार हर जन्म मिले जी….

भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,

मोहे छोड़ कर कही दूर ना जाना,

कही दूर ना जाना,

कही दूर ना जाना....

हम है तुम्हारे और तुम हो हमारे, शक ना कोई बाबाजी,

तुझमे समाये और तुझमे रमाये यही एक अभिलाषा जी,

तेरे प्यार में हमे खो है जाना, कोई फ़िक्र नई क्या कहे जमाना…..

भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,

मोहे छोड़ कर कही दूर ना जाना…….

तुझ बिन कोई ना मेरा सहारा, क्यों कही में अर्जी लगाऊ मै,

महादेव जब संग है मेरे दुनिया से लड़ जाऊ मै…..

तेरी माया को, कोई ना जाना,

तेरे बिन लागे सब कुछ बेगाना…………

भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,

मोहे छोड़ कर कही दूर ना जाना……..

मेरे पिता को मान ने वाला काँटों पे आराम करे,

अंगारो पे सो जाए वो, हर मुश्किल आसान लगे,

अपना रिश्ता है सदियों पुराना, भोले का दरबार अपना ठिकाना……..

भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,

मोहे छोड़ कर कही दूर ना जाना………

पत्थर को हीरा बनाया उसने मुझे निखारा जी,

महादेव ने अपने हाथो हर पल मुझे संवारा जी,

बस इतना सा है मेरा अफसाना, भोले के चढ़णो में मुझे खो जाना…..

भोले नाथ जी मने भूल ना जाना। मोहे छोड़ कर कही दूर ना जाना,

दिल की धड़कन बोले बम बम भोले जी। भोले की सरकार हर जन्म मिले जी…………

भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,

मोहे छोड़ कर कही दूर ना जाना…….

कही दूर ना जाना,

कही दूर ना जाना,

कही दूर ना जाना,

कही दूर ना जाना कही दूर ना जाना कही दूर ना जाना…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।