मन नाच राधा राधा केह के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन नाच नाच नाच राधे राधे कह के,

मन नाच नाच नाच कृष्णा कृष्णा कह के,

मन नाच नाच कर कृष्ण मना ले,

कृष्ण मना ले संग राधा भी रिजा ले,

प्रेम रंग रंग रंग मन घुंगरू बन्दाले,

मन नाच नाच नाच ........

राधा मन बन संग नाच बसे उसके,

और कोई दिखे नही प्रेम मन बसके,

बंधन सारे टूट जाये प्रिये संग मिल के,

मन नाच नाच ........

ये तो कभी सोच मत कृष्ण नही तेरे,

वो तो बेठे मन मंदिर में डाले हुए डेरे,

प्रेम वाली धुन सुन मन को लगा के,

मन नाच नाच नाच........

हर पल नाम श्याम कह रल मिल के,

कर गुण गान जीबा रख न सिल्क्ले ,

तन मन कर बस अर्पण उसके,

मन नाच नाच नाच .........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।