भोले बाबा ने पकड़ा हाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा ने पकड़ा हाथ,

की रहता हर पल मेरे साथ,

अकेला मत समझो,

अकेला मत समझो………

जबसे इसने अपनाया है,

जीने का ढंग सिखलाया है,

मन में रहता उत्साह,

नहीं अब सुख दुःख की परवाह,

अकेला मत समझो,

अकेला मत समझो………

मैं जग में निर्भय घूम रहा,

इसकी मस्ती में झूम रहा,

इसने बदली तकदीर,

मिटाके हर मुश्किल गंभीर,

अकेला मत समझो,

अकेला मत समझो………

मिलते है इसके दीवाने,

कुछ जाने और कुछ अंजाने,

उनसे मिलता जो प्यार,

क्या देगा कोई रिश्तेदार,

अकेला मत समझो,

अकेला मत समझो………

ये प्यार बहुत ही करता है,

और भाव हृदय में भरता है,

'बिन्नू'का ये मनमीत,

झुमके गाऊं इसके गीत,

अकेला मत समझो,

अकेला मत समझो………

भोले बाबा ने पकड़ा हाथ,

की रहता हर पल मेरे साथ,

अकेला मत समझो,

अकेला मत समझो……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।