भोले कस के पकड़ लो हाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले कस के पकड़ लो हाथ,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,

भोले कस के पकड़ लो हाथ,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,

मेरा कस के पकड़ लो हाथ,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये.....

जब तक ये जीवन मेरा,

भोले ना बदले,

बदलने से पहले मेरे,

तन से प्राण निकले,

मेरे सर पर रखदो हाथ,

हटाऊं तू हटाया नही जाये,

भोले कस के पकड़ लो हाथ,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,

मेरा कस के पकड़ लो हाथ,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये......

समय ना निकालू जो मैं,

तेरी बंदगी का,

आखिर दिन हो भोले,

मेरी जिन्दगी का,

मेरे दिल पर लिख तेरा नाम,

मिटाऊं तो मिटाया नही जाये,

भोले कस के पकड़ लो हाथ,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,

मेरा कस के पकड़ लो हाथ,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये......

तमन्ना है मिलने की,

मिलने के बाद भी,

साथ रहना चाहता हूं,

मरने के बाद भी,

ये दिल किसी और के साथ,

लगाऊं तो लगाया नही जाये,

भोले कस के पकड़ लो हाथ,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,

मेरा कस के पकड़ लो हाथ,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये......

तूने हर कदम पे,

मेरा साथ दिया है,

साथ दिया है,

मेरा नाम किया है,

तूने इतना दिया मुझको,

चुकाऊं तो चुकाया नही जाये,

भोले कस के पकड़ लो हाथ,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये,

भोले मेरा कस के पकड़ लो हाथ,

छुडाऊं तो छुड़ाया नही जाये…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।