जो शिव का सुमिरन करे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नमः शिवाय बोलिये,

शिव में ध्यान लगाय,

जो शिव का सुमिरन करे,

शिव का ही हो जाये,

नमः शिवाय बोलिये,

शिव में ध्यान लगाय,

जो शिव का सुमिरन करे,

शिव का ही हो जाये।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

सत्य ही शिव है,

शिव ही सुंदर,

शिवमय यह संसार,

आप ही शिव,

सब के गुरु,

दूर करें अंधकार।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

अर्धनारीश्वर शिव है,

पार्वती अर्धांग,

गंगा मां भी विराजती,

जटा में शिव के संग।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

शिव व्यापक सर्वत्र हैं,

कण कण करते वास,

सदा ही शिवगुरु रहते हैं,

निज भक्तों के पास।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

शिव गुरु की महिमा अनंत,

अनंत किये उपकार,

शिव की शरण जो आते हैं,

होते भव से पार।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

शिव नाम की लूट है,

लूट सके तो लूट,

अंत काल पछतायेगा,

जब प्राण जाएंगे छूट।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

महाकालेश्वर ओमकारेश्वर,

मल्लिकार्जुन सोमनाथ,

भीमशंकर विश्वनाथ रामेश्वर,

नागेश्वर वैधनाथ।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

केदारनाथ त्र्यंबकेश्वर,

घृष्णेश्वर भोलेनाथ,

नीलकंठेश्वर अमरनाथ,

तेरी जय हो पशुपति नाथ।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

सुर नर मुनि गुण गाये सभी,

शिव से डरता काल,

जिस पर कृपा बरसाते बाबा,

हो जाता खुशहाल।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

चारभुजा त्रिनेत्र हैं,

कर सोहे त्रिशूल,

जग के पालनहार है,

शिव सृष्टि के तुम मूल।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

पल झपकत प्रलय करे,

बचे ना कुछ भी शेष,

तीसरा नैत्र जो खोल दे,

गिरिजापति महेश।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

काशी के विश्वनाथ की,

महिमा अपरम्पार,

भक्तों को भोजन प्रदान करे,

जाने सकल जहान।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

शिव सबका कल्याण करे,

जाने सकल जहान,

सृष्टि की रक्षा हेतु,

शिव जी ने विष पान।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

शंकर संकट के नाशक,

विघ्न का करते नाश,

शिव के तेज से सूर्य भी,

जग में करें प्रकाश।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

शिवरात्री त्रयोदशी करे,

जो भी व्रत सोमवार,

मनोकामना पूर्ण हो,

सुखी रहे परिवार।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय।

नमः शिवाय बोलिये,

शिव में ध्यान लगाय,

जो शिव का सुमिरन करे,

शिव का ही हो जाये,

नमः शिवाय बोलिये,

शिव में ध्यान लगाय,

जो शिव का सुमिरन करे,

शिव का ही हो जाये।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।